कॉकरोच पार्टी और सरकार के बीच मीटिंग खत्म; CJP की 3 मांगों में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मामला फंसा, कल फिर से होगी बैठक
CJP-Government Meeting Ended Paper Leak Protest Latest News
CJP-Government Meeting: कॉकरोच जनता पार्टी और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को दूसरी बार मीटिंग हुई. दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में रखी गई इस मीटिंग में करीब 2 घंटे तक बातचीत का सिलसिला चला. जिसमें सरकार की तरफ से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह और CJP की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका, मुख्य प्रवक्ता सौरव दास शामिल रहे.
वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ मीटिंग समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा, ''लगभग 2 घंटे चली मीटिंग में CJP की ओर से सरकार के सामने 3 मुख्य मांगें रखी गईं और परीक्षा प्रणाली में सुधार के 5 सुझाव भी रखे गए. हमने उनसे कहा है कि हम इस पर विचार के बाद कल (शनिवार) दोपहर फिर से मिलेंगे और आगे की बातचीत करेंगे.'' ज्ञात रहे कि इससे पहले 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान भी CJP और सरकार के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के घर 10 मिनट की बैठक हुई थी.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मामला फंसा
CJP की 3 मांगों में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर मामला फंसा हुआ है. सरकार के साथ बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "सरकार ने हमारी तीन मुख्य मांगों में से दो पर बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. सरकार की तरफ से सुसाइड से मरने वाले NEET कैंडिडेट्स के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने और इसके अलावा प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज कानूनी केस वापस लिए जाने की मांग पर सहमति जताई गई है.''
CJP प्रवक्ता ने कहा कि, ''प्रदर्शनकारी छात्रों पर केस के सम्बन्ध में हमारी में मांग यह बात भी शामिल है कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ भविष्य में भी कोई FIR या लीगल केस फाइल न किया जाए, इसकी गारंटी दी जाए. वहीं सरकार के साथ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विस्तृत बातचीत हुई. सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की हमारी मांग पर विचार करने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है. हमें उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द ही बर्खास्त कर देगी. हमने उनसे कहा कि हमें जल्द ही इस विषय पर एक ठोस निर्णय चाहिए. कल दोपहर में फिर से सरकार की ओर से एक और मुलाकात की बात कही गई है.''
CJP ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं
CJP ने यह साफ़ कर दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडिंग प्रेसिडेंट अभिजीत दीपके ने कहा, "जंतर-मंतर पर हमारा धरना तब तक जारी रहेगा जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के अलावा कुछ भी मंज़ूर नहीं है. वहीं सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ने पर दीपके ने कहा कि हमें बहुत राहत है कि सोनम वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल तोड़ दी है, क्योंकि 26 दिन से ज़्यादा हो गए थे. उनकी ज़िंदगी इस देश के लिए बहुत कीमती है.''
पिछले 35 दिन से CJP का प्रदर्शन जारी
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में युवा-छात्रों का प्रदर्शन पिछले 20 जून को शुरू हुआ था. पेपर लीक से परेशान होकर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार, जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए पिछले 35 दिन से युवा-छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है. युवा-छात्रों के दिल्ली प्रदर्शन का असर राजधानी से बाहर पूरे देश के अलग-अलग हिस्सों में भी देखा जा रहा है.
'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस ने लाठियां भांजी
20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा-छात्र प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां भांजी. आंसू गैस के गोले छोड़े गए. ताकि प्रदर्शनकारियों के भारी हुजूम को संसद की ओर बढ़ने से रोका जा सके. हालांकि पुलिस की इतनी जद्दोजहद और ताकत झोंके जाने के बावजूद भी प्रदर्शनकारी संसद के नजदीक पहुंच चुके थे. पुलिस के लाठीचार्ज में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, कईयों के सिर भी फूटे. जिसके कई अलग-अलग वीडियो सामने आए. वहीं प्रदर्शन में शामिल कई लड़कियां भी लाठीचार्ज में घायल हुईं. आरोप है कि उनके साथ आपत्तिजनक बर्ताव भी किया गया. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों से झड़प में कई पुलिसवाले भी घायल हो गए.
छात्रों पर लाठियां बरसाने पर सियासत गर्म
CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान युवा-छात्र प्रदर्शनकारियों और लड़कियों पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स द्वारा लाठियां बरसाए जाने पर सियासत भी गरमा गई है. युवा-छात्रों पर लाठीचार्ज करने को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है. सड़क से लेकर संसद तक मोदी सरकार के खिलाफ गहमागहमी देखने को मिल रही है. विपक्ष युवा-छात्रों की मांगों को लेकर अपने पूरे तेवर में आ चुका है. वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है. पुलिस ने बल प्रयोग करने के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.